सिंगापुर ने वर्ष 1992 में च्युइंग गम की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह फैसला देश की नई मास रैपिड ट्रांजिट यानी MRT प्रणाली को नुकसान से बचाने के लिए लिया गया था। अधिकारियों के अनुसार लोग इस्तेमाल की गई च्युइंग गम को ट्रेन के दरवाजों और सेंसर पर चिपका देते थे। इससे ट्रेन संचालन में बाधाएं आती थीं और मरम्मत पर काफी खर्च होता था। सरकार ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह सख्त कदम उठाया। इस प्रतिबंध के बाद देश में सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव में सुधार देखा गया। हालांकि बाद में चिकित्सीय और दंत उपयोग वाली च्युइंग गम को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई। सीमित मात्रा में व्यक्तिगत उपयोग के लिए भी नियमों के तहत छूट दी गई। व्यावसायिक बिक्री पर अब भी कड़े नियंत्रण लागू हैं। सिंगापुर का यह नियम सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए जाना जाता है। यह नीति रोजमर्रा की आदतों से होने वाले नुकसान को रोकने का उदाहरण मानी जाती है।
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