जिला उपभोक्ता आयोग ने ग्रेटर नोएडा के एक हॉस्टल को छात्र के 30 हजार रुपये वापस करने का आदेश दिया है। छात्र ने आवास और सुविधाओं के लिए अग्रिम राशि जमा की थी। हॉस्टल प्रबंधन ने बेहतर भोजन और काम करने वाले वाई-फाई जैसी सुविधाएं देने का वादा किया था। आरोप था कि हॉस्टल इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने में विफल रहा। आयोग ने इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में कमी माना। अदालत ने राशि वापसी के साथ ब्याज देने का भी निर्देश दिया है। हॉस्टल को छात्र को मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी देना होगा। यह मामला छात्रों को दी जाने वाली आवासीय सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़ा है। आयोग ने कहा कि वादे के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है। आदेश से उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण संदेश गया है।
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