हरियाणा सरकार राज्य विश्वविद्यालयों में संविदा पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने 10 विश्वविद्यालयों को रिमाइंडर भेजकर तीन दिन के भीतर संविदा कर्मचारियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। निर्धारित समय सीमा में जानकारी न देने पर संबंधित रजिस्ट्रारों को महानिदेशक के समक्ष पेश होना होगा। सरकार ‘हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय संविदात्मक व्याख्याता (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2026’ को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर रही है। विश्वविद्यालयों से शिक्षकों की संख्या, नियमित पदों का विवरण और इस कानून के लागू होने से पड़ने वाले वित्तीय भार का आकलन मांगा गया है। विभाग यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि कौन से कर्मचारी अन्य मौजूदा सेवा सुरक्षा अधिनियमों के दायरे में आते हैं। कुरुक्षेत्र, एमडीयू और गुरुग्राम विश्वविद्यालय सहित 10 प्रमुख संस्थानों को यह निर्देश जारी किए गए हैं। हरियाणा विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए करीब 1400 असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए राहत की उम्मीद जताई है। लंबे समय से संविदा शिक्षकों द्वारा की जा रही सेवा सुरक्षा की मांग अब पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस कवायद से विश्वविद्यालयी शिक्षा प्रणाली में कार्यरत शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
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