अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 432 करोड़ रुपये से अधिक की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने एक बार फिर हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर मुखर होते हुए तीखे सवाल किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ नहीं हो सकता, तो हनुमानगढ़ी में नमाज क्यों होनी चाहिए? मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश में सभी को अपनी परंपराओं और आस्था का सम्मान करना चाहिए, लेकिन यह सम्मान पारस्परिक होना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि धर्मनगरी अब वैश्विक स्तर पर एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभर रही है। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का कायाकल्प न केवल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए है, बल्कि यह भारत की गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने का एक संकल्प भी है। उन्होंने क्षेत्र के निवासियों और साधु-संतों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कर रही है, लेकिन सांस्कृतिक मूल्यों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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