रतिया नगर पालिका में चेयरपर्सन प्रीति खन्ना के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। पार्षदों ने प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि यह मुद्दा पूरी तरह से प्रशासनिक और जनहित से जुड़ा है, न कि किसी समाज या धर्म से। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को धार्मिक रंग देने के प्रयासों की कड़ी निंदा की है। पार्षदों का कहना है कि 9 जुलाई की बैठक को स्थगित करने का अनुरोध उन्होंने स्वयं किया था। इसके साथ ही, उन्होंने नगर पालिका में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया है। पार्षदों ने फर्जी बिलों के सबूत दिखाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेयरपर्सन और सचिव की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षदों ने रतिया विधायक जरनैल सिंह का नाम बेवजह घसीटे जाने का भी खंडन किया है। वर्तमान में मामले की विजिलेंस जांच भी की जा रही है। पार्षदों को उम्मीद है कि जल्द ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए नई तारीख घोषित की जाएगी। यह घटनाक्रम स्थानीय राजनीति में एक बड़ी हलचल पैदा कर रहा है।
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