अब्दुल अलीम ने बिना कॉलेज डिग्री के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का प्रेरणादायक सफर तय किया। उन्होंने केवल 1,000 रुपये लेकर घर छोड़ा और Zoho में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में नौकरी शुरू की। 12 घंटे की ड्यूटी के साथ उन्होंने प्रोग्रामिंग सीखने का प्रयास जारी रखा। कंपनी के एक वरिष्ठ सहयोगी ने उन्हें तकनीकी कौशल सीखने में मार्गदर्शन दिया। लगातार मेहनत और सीखने की लगन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। वर्ष 2014 में उन्हें Zoho में तकनीकी भूमिका हासिल करने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपनी पहचान बनाई। आज कंपनी में 12 वर्षों से अधिक समय पूरा करने के बाद वह Member of Technical Staff के पद पर कार्यरत हैं। उनकी कहानी बताती है कि सीखने की इच्छा और मेहनत सफलता की राह खोल सकती है। यह उदाहरण पारंपरिक शिक्षा के अलावा कौशल के महत्व को भी दर्शाता है। अब्दुल अलीम की यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने साबित किया कि समर्पण और निरंतर प्रयास से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
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