छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक रिक्शा चालक ने मानवता की मिसाल पेश की। संतोष सोनवानी ने अपने बेसुध दोस्त विक्की को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद की। मंगलवार दोपहर संतोष को विक्की सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिला। हालात गंभीर देखकर उन्होंने बिना देर किए दोस्त को अपने ठेलेनुमा रिक्शे में लिटाया। संतोष के पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए वह 108 एंबुलेंस को कॉल नहीं कर सके। उन्होंने इंतजार करने के बजाय खुद ही विक्की को जिला अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया। अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्यकर्मियों ने विक्की को आपातकालीन कक्ष में भर्ती कर इलाज शुरू किया। संतोष ने बताया कि उन्हें दोस्त की तबीयत खराब होने की सही वजह पता नहीं थी। उन्होंने केवल मिर्गी की समस्या होने की जानकारी मिलने पर उसे अस्पताल लाना जरूरी समझा। समय पर मदद मिलने से विक्की का इलाज शुरू हो सका। इस घटना ने लोगों के बीच इंसानियत और मदद की भावना का उदाहरण पेश किया।
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