वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के चतरा क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर 100 मीटर पर फॉना (fauna) पासेज बनाए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य सड़क निर्माण के दौरान प्राकृतिक आवास और वन्यजीवों की आवाजाही को बाधित होने से बचाना है। इन विशेष मार्गों के जरिए जानवर सुरक्षित रूप से एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जा सकेंगे। इससे सड़क हादसों और वन्यजीवों के साथ टकराव की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम बायोडायवर्सिटी संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्य में पारिस्थितिक संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। साथ ही पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे का उदाहरण भी पेश करेगा। सरकार ने इसे विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन का मॉडल बताया है।
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