असम पुलिस के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और पूर्व डीआईजी प्रशांत कुमार दत्ता पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने दत्ता और उनके परिवार से जुड़ी 77 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता लगाया है, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है। ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि सेवानिवृत्त अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति जुटाई। एजेंसी ने उनके और उनके करीबियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े अभियान के रूप में देखी जा रही है। जांच में यह भी पता चला है कि इन संपत्तियों को विभिन्न फर्जी कंपनियों और रिश्तेदारों के नाम पर निवेश किया गया था। ईडी ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद असम पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भविष्य में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। ईडी अब इन संपत्तियों के हस्तांतरण और धन के असली स्रोतों की बारीकी से जांच कर रही है।
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