प्रसिद्ध कनाडाई लेखिका मार्गरेट एटवुड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि AI के संदर्भ में ‘Garbage in, garbage out’ वाली कहावत पूरी तरह लागू होती है। उनका मानना है कि किसी भी एआई मॉडल का परिणाम उसकी प्रशिक्षण सामग्री की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। एटवुड ने यह भी बताया कि उन्होंने अब तक केवल एक बार ही किसी एआई मॉडल का उपयोग किया है। उन्होंने एआई की क्षमताओं के साथ-साथ उसकी सीमाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। लेखिका का कहना है कि यदि इनपुट डेटा त्रुटिपूर्ण या कमजोर होगा, तो परिणाम भी वैसा ही होगा। उन्होंने तकनीक के उपयोग में विवेक और गुणवत्ता पर जोर दिया। एआई को लेकर उनके विचार साहित्य और तकनीक के संबंधों पर नई बहस को जन्म दे रहे हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि बेहतर डेटा ही बेहतर एआई परिणामों की कुंजी है। एटवुड की टिप्पणी ने एआई के विकास और उसके जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा को फिर से तेज कर दिया है।
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