राजनांदगांव में समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को जीवन रक्षक कौशल से लैस करने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित ‘केयरिंग फॉर कम्युनिटी, हेल्थ अवेयरनेस एंड बीएलएस ट्रेनिंग प्रोग्राम’ में 200 विद्यार्थियों और पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (PTS) के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और सीपीआर (CPR) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य वक्ता डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर ने स्वस्थ जीवनशैली, नियमित योग और पर्याप्त नींद के महत्व पर जोर दिया। चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश खुंटे ने हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों में शुरुआती मिनटों की महत्ता समझाते हुए जीवन रक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया। प्रशिक्षण सत्र में बदलती जीवनशैली से उत्पन्न समस्याओं से बचाव के उपाय भी साझा किए गए। पुलिस विभाग की टीम ने भी इस दौरान महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों को संकट के समय प्राथमिक उपचार के लिए तैयार करना था। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए बेहद उपयोगी बताया। ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर भी जोर दिया गया ताकि अधिक से अधिक लोग जीवन रक्षक कौशल सीख सकें।
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