छत्तीसगढ़ के फरसगांव विकास खंड के ग्राम पंचायत पांडे आठगांव में एक बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। एक साधारण परिवार की विधवा मां ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने बच्चों की परवरिश और शिक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी। मां के बुलंद हौसले और संघर्ष का ही परिणाम है कि आज उनके दोनों बच्चों ने सरकारी सेवा में स्थान बनाकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परिवार के बेटे सदानंद पांडे का चयन ‘अग्निवीर’ योजना के तहत हुआ है, वहीं उनकी बहन पूजा पांडे का चयन ‘जिला पुलिस बल’ में हुआ है। एक ही परिवार से दो बच्चों का देश और राज्य की सेवा के लिए चुना जाना पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बन गया है। इस उपलब्धि पर ग्रामीणों और वरिष्ठ जनों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। मां के संघर्ष और बच्चों की मेहनत की यह कहानी आज युवाओं के लिए एक मिसाल पेश कर रही है। सिद्ध होता है कि अगर इरादे पक्के हों और माता-पिता का आशीर्वाद साथ हो, तो हर बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। इन दोनों युवाओं की सफलता ने साबित कर दिया है कि अभावों में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
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