एक स्थानीय अदालत ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े एक गंभीर मामले में एक क्रिकेट कोच को 48 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह कोच के खिलाफ दर्ज पोक्सो (POCSO) का तीसरा मामला था जिसमें उसे दोषी ठहराया गया है। इतना ही नहीं, उसी कोच को एक चौथे पोक्सो मामले में भी दोषी पाया गया है। आरोपी ने कोचिंग के बहाने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नाबालिगों को निशाना बनाया था। अदालत ने अपने फैसले में आरोपी के कृत्यों को अत्यंत घृणित और अक्षम्य बताया है। लगातार मामलों में दोषसिद्ध होने के बाद अब कोच को लंबी जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो खेलों की आड़ में बच्चों का शोषण करते हैं। पीड़ित परिवारों ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली है। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पूरी तरह से विश्वसनीय माना। चौथे मामले में सजा का ऐलान जल्द ही किया जाएगा। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने मामलों को मजबूती से कोर्ट के सामने रखा था। समाज में ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही थी। इस घटनाक्रम के बाद खेल संस्थानों में सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देशों पर चर्चा तेज हो गई है।
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