भिवानी के प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर से जुड़े आभूषण मामले की जांच प्रशासन ने तेज कर दी है। मंदिर के पूर्व कर्मचारी के घर से 13 तोले सोना और करीब डेढ़ किलो चांदी बरामद होने के बाद विवाद गहरा गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि बरामद आभूषण मंदिर की संपत्ति हैं। मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने एडीसी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। एडीसी ने कहा कि बरामद सोना-चांदी के स्रोत की जांच की जा रही है। यदि आभूषणों का वैध स्रोत साबित नहीं होता तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में संबंधित ज्वैलर्स और अन्य पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ज्वैलर्स द्वारा जारी बिलों की सत्यता की जांच जीएसटी विभाग से भी कराई जा रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व कर्मचारी और ज्वैलर्स पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उन्होंने अतिरिक्त समय मांगा है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंदिर का संचालन पिछले 17 वर्षों से प्रशासन की देखरेख में हो रहा है। जिस पूर्व कर्मचारी पर आरोप है, वह पहले मंदिर में सीसीटीवी प्रभारी और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी निभा चुका है। पुजारी के अनुसार मंदिर के गुंबद पर लगभग 52 किलो सोना लगा है और परिसर में बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की सजावट मौजूद है।
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