कर्णप्रयाग की घटना के बाद निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच तनाव बना हुआ है। मोहाली से निहंगों का जत्था उत्तराखंड की ओर रवाना हुआ था। पांवटा साहिब के पास कुल्हाल बॉर्डर पर उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कुछ निहंगों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और तलवारें लहराते हुए आगे बढ़े। हंगामे के दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की भी सूचना मिली। दूसरी ओर कुछ निहंग वैकल्पिक मार्ग से देहरादून के प्रेम नगर पहुंच गए। वहां प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच देर रात तक बातचीत चली। वार्ता के बाद निहंगों का जत्था वापस पांवटा साहिब लौट गया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर स्थिति पूरी तरह शांत और नियंत्रण में है। निहंगों की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विवाद की जड़ 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई झड़प और उसके बाद निहंगों की गिरफ्तारी से जुड़ी है। निहंग अपने साथियों की रिहाई, एफआईआर रद्द करने और स्थानीय लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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