सरकार हर साल सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने, बच्चों को आधुनिक संसाधन देने और समय पर नया सत्र शुरू कराने के लिए करोड़ों रुपए का बजट पानी की तरह बहाती है। बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए यह दावा किया जाता है कि नए सत्र के पहले ही दिन बच्चों के हाथों में चमचमाती किताबें और क्लास में विषय विशेषज्ञ शिक्षक मौजूद रहेंगे। लेकिन धरातल पर इन दावों की हकीकत क्या है, इसकी बानगी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिंदी माध्यम विद्यालय (सेजेस) परपोड़ी में देखने को मिल रही है। अंग्रेजी माध्यम में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। यहां कुल 24 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 17 शिक्षक पदस्थ हैं। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन यहां न तो बच्चों के हाथों में पूरी किताबें पहुंची हैं और न ही उन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं। सेजेस परपोड़ी के हिंदी माध्यम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 464 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा 9वीं में 140, कक्षा 10वीं में 95, कक्षा 11वीं में 105 और कक्षा 12वीं में 124 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। विद्यालय में नियमित शिक्षण कार्य तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। विद्यालय के अंग्रेजी माध्यम में भी कई समस्याएं हैं। यहां कक्षा 1 से 12वीं तक कुल 499 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कक्षा पहली से चौथी तक प्रत्येक कक्षा में 50-50 छात्र हैं, पांचवीं में 45, छठवीं में 50, सातवीं में 43, आठवीं में 41, नवमी में 50, दसवीं में 29, ग्यारहवीं में 30 और बारहवीं में 11 विद्यार्थी हैं। पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्ययन सामग्री नहीं विद्यालय में पुस्तकें अभी तक संबंधित डिपो से विद्यालय नहीं पहुंची हैं। इसके कारण विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्ययन सामग्री नहीं मिल पा रही है। नई कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके पास पढ़ाई के लिए आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा अंग्रेजी माध्यम की कक्षा चौथी और सातवीं के विद्यार्थियों को भी नई किताबें नहीं मिली हैं। पुस्तकें उपलब्ध नहीं होने के कारण इन कक्षाओं में नियमित अध्ययन कार्य पूरी तरह गति नहीं पकड़ सका है। शिक्षक वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से बच्चों को जोड़े रखने का प्रयास कर रहे हैं।
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