ईरान और अमेरिका के बीच समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियां फिर सामान्य होने लगी हैं। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जुड़े 30 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं। ये जहाज तेल, गैस और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुएं लेकर भारत की ओर आ रहे हैं। हालिया तनाव के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। समझौते के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। जहाजों की नियमित आवाजाही बहाल होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिलने की उम्मीद है। भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति से बाजार में स्थिरता आने की संभावना है। उर्वरकों की आपूर्ति सामान्य होने से कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री व्यापार में सुधार से आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक है। इस मार्ग में सामान्य स्थिति लौटने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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