हिसार जिले की तहसीलों में जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस नई व्यवस्था का शुभारंभ किया। अब रजिस्ट्री होते ही इंतकाल अपने आप दर्ज हो जाएगा और नागरिकों को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इस नई प्रणाली को रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड से पूरी तरह जोड़ दिया गया है। प्रदेश में इससे पहले 1 नवंबर 2025 को इसका पहला चरण लागू किया गया था। इसके बाद अब इसे और उन्नत बनाया गया है। हिसार के उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों को लंबित इंतकाल मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए हैं। जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं है, उन्हें 24 घंटे के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा। विभाजन वाले मामलों का निपटारा अधिकतम 10 दिनों में करना होगा। नई व्यवस्था से नागरिकों को कई डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें ऑनलाइन इंतकाल डाउनलोड और ट्रैकिंग शामिल है। धोखाधड़ी रोकने के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में डिजिटल सिग्नेचर और बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया गया है। एनओसी और डीटीपी सत्यापन अब पूरी तरह ऑनलाइन और ऑटो मोड में होगा। नागरिकों को दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और तेज मिलेगी। यह प्रणाली भूमि रजिस्ट्री और राजस्व सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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