हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई पर्यटक सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज कर रहे हैं। ब्यास समेत कई नदियों के किनारे लोग सेल्फी और फोटो खिंचवाने के लिए खतरनाक क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग बार-बार पर्यटकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। मानसून के दौरान जलविद्युत परियोजनाओं के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में नदी किनारे मौजूद लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में पानी का बहाव सामान्य दिखने के बावजूद काफी तेज होता है। इसलिए छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हाल के वर्षों में कई पर्यटक नदियों में बहने की घटनाओं का शिकार हुए हैं। जून में कुल्लू के मणीकर्ण में भी एक परिवार के तीन सदस्य तेज बहाव में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बचा लिया था। वर्ष 2014 में ब्यास नदी में 24 इंजीनियरिंग छात्रों के बह जाने की दर्दनाक घटना भी हुई थी। इसके बावजूद जोखिम भरे व्यवहार में कमी नहीं आई है। जिला प्रशासन लगातार एडवाइजरी जारी कर रहा है और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे रोमांच और सेल्फी के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें तथा नदी किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
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