अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी में देशभर के कवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन समरस संस्थान साहित्य सृजन के तत्वावधान में किया गया। गोष्ठी का मुख्य विषय बच्चों में बढ़ रही थैलेसीमिया बीमारी और रक्तदान का महत्व रहा। कवियों ने अपनी रचनाओं और विचारों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकारों और आयोजकों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। महासमुंद जिले से तीन युवा कवियों ने इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। युवा कवि मनोज चंद्राकर ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया। सिरपुर के प्रगतिशील कवि नीलकंठ यादव ने भी अपनी रचनाओं से सराहना प्राप्त की। डॉ. उपेंद्र साहू ने अपनी सशक्त लेखनी से उपस्थित जनों को प्रभावित किया। कवियों की प्रस्तुतियों को श्रोताओं और साहित्य प्रेमियों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में सामाजिक मुद्दों पर साहित्य की भूमिका पर भी चर्चा हुई। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों के योगदान की प्रशंसा की। महासमुंद से पहुंचे तीनों कवियों को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान दिया गया।
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