लखनऊ के भीषण अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, के मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला को बड़ी राहत नहीं मिल सकी है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी दिल की बीमारी का बहाना बनाया था ताकि उसे जेल के बजाय अस्पताल में भर्ती कराया जा सके। हालांकि, डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल जांच के बाद उसे पूरी तरह स्वस्थ और फिट घोषित कर दिया। अस्पताल से डिस्चार्ज मिलते ही पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। प्रशासन की इस सख्ती से बिल्डर लॉबी में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियों ने घटना के दौरान बरती गई सुरक्षा खामियों और नियमों के उल्लंघन को लेकर बिल्डर पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस का कहना है कि लापरवाही के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस अग्निकांड ने लखनऊ में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते अब सभी व्यावसायिक इमारतों की गहन जांच की तैयारी है।
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