रायगढ़ और रायपुर में करोड़ों रुपये की कथित ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पिता-पुत्र ने खुद को प्रभावशाली और संपन्न कारोबारी बताकर कई व्यापारियों का विश्वास जीता। दोनों ने व्यापारिक संबंधों और ऊंचे रसूख का हवाला देकर निवेश और लेनदेन के लिए लोगों को तैयार किया। शुरुआती दौर में भरोसा कायम करने के लिए उन्होंने खुद को सफल व्यवसायी के रूप में पेश किया। इसके बाद कई व्यापारियों से बड़ी रकम हासिल की गई। जांच में सामने आया कि कुल आठ व्यापारियों को कथित रूप से ठगी का शिकार बनाया गया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें लाभ और सुरक्षित कारोबार का भरोसा दिया गया था। रकम लेने के बाद आरोपियों ने अपने वादे पूरे नहीं किए। जब व्यापारियों ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें टालने की कोशिश की गई। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू हुई। पुलिस ने आरोपों के आधार पर पिता और पुत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों ने आर्थिक लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। मामले में ठगी की कुल राशि करोड़ों रुपये बताई जा रही है। पुलिस आरोपियों की भूमिका और संभावित अन्य पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
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