पूर्व कैबिनेट सचिव ने रविवार को लॉरा कुएन्सबर्ग के साथ एक साक्षात्कार में देश की राजनीतिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अनिश्चितता शासन के लिए अत्यंत विनाशकारी होती है। वरिष्ठ नौकरशाह के अनुसार, बार-बार नेतृत्व बदलना प्रशासनिक स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की अस्थिरता से महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। नेतृत्व में निरंतरता न होने से नीति निर्माण और कार्यान्वयन की गति धीमी पड़ जाती है। उनका मानना है कि सरकार की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए नेतृत्व में स्पष्टता का होना अनिवार्य है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच प्रशासनिक तंत्र पर पड़ने वाले दबाव का उन्होंने उल्लेख किया। पूर्व अधिकारी ने आगाह किया कि राजनीतिक अनिश्चितता का सीधा असर जनता की सेवा पर पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक स्थिर नेतृत्व ही दीर्घकालिक नीतियों को सफलतापूर्वक लागू कर सकता है। बार-बार होने वाले बदलावों ने नौकरशाही के कामकाज में कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। निष्कर्षतः, उन्होंने देश के बेहतर भविष्य के लिए स्थिर और स्पष्ट नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया।
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