छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में किसानों का अनिश्चितकालीन आंदोलन चौथे दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी है। किसान धान खरीदी के लंबित भुगतान को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। प्रदर्शन का मुख्य कारण बैंक में सामने आया करोड़ों का केसीसी लोन घोटाला है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने मिलीभगत से मृतकों और कैदियों के नाम पर फर्जी लोन जारी किए। इस भ्रष्टाचार के विरोध में किसानों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अपनी मांगों को मनवाने के लिए किसान लगातार धरने पर डटे हुए हैं। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी, वे पीछे नहीं हटेंगे। फर्जीवाड़े के खुलासे ने स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। बैंक प्रबंधन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। प्रशासन के आश्वासन के बावजूद किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। पीड़ित किसान आर्थिक संकट और धोखाधड़ी से काफी आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल उनके हक की नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है।
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