चंडीगढ़ की सेक्टर-26 स्थित अनाज मंडी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए व्यापक विकास योजना शुरू की गई है। यूटी प्रशासन करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से मंडी का कायाकल्प करेगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जलभराव, खराब सड़कों और अव्यवस्थित सुविधाओं जैसी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान करना है। मानसून के दौरान होने वाले जलभराव को रोकने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। इस कार्य पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के टेंडर जारी किए जा चुके हैं और छह महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंडी के भीतर सीमेंट-कंक्रीट सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे आवागमन सुगम होगा। सब्जी, प्याज और आलू नीलामी प्लेटफॉर्मों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मंडी में प्रवेश और निकास व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बैरिकेडिंग और फेंसिंग की जाएगी। दोपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। परिसर में नई लाइटें लगने से रात के समय सुरक्षा और रोशनी में सुधार होगा। अधिकारियों का मानना है कि इन सुधारों से व्यापारियों, ग्राहकों और ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना पूरी होने के बाद मंडी का संचालन अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक हो जाएगा।
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