भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांच दिनों से जारी तेजी शुक्रवार को थम गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली बाजार पर दबाव का प्रमुख कारण रही। वैश्विक आईटी कंपनी एक्सेंचर द्वारा विकास अनुमान घटाने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई। इसके चलते आईटी कंपनियों के शेयरों में व्यापक गिरावट देखी गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता टलने से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी। हालिया तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति कमजोर पड़ती नजर आई। आईटी शेयरों के साथ कुछ अन्य सेक्टरों में भी दबाव देखा गया। हालांकि चुनिंदा शेयरों में खरीदारी का रुझान बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशक अब घरेलू आर्थिक संकेतकों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार में फिलहाल सतर्क कारोबार और उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है।
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