रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों में एंट्री-लेवल नौकरियों के लगभग 37 प्रतिशत कार्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा किए जा रहे हैं। इससे फ्रेशर्स के लिए पारंपरिक नौकरियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब केवल कोडिंग या रटने वाली स्किल्स पर्याप्त नहीं रह गई हैं। कंपनियां ऐसे युवाओं की तलाश में हैं जो AI सिस्टम को समझ सकें और उसे प्रभावी ढंग से सुपरवाइज कर सकें। इसके साथ ही सॉफ्ट स्किल्स जैसे कम्युनिकेशन, समस्या समाधान और क्रिएटिव थिंकिंग की मांग भी बढ़ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भविष्य में तकनीकी और मानव कौशल का संयोजन अधिक महत्वपूर्ण होगा। छात्रों को AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल स्किल्स पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। शिक्षा क्षेत्र में भी बदलाव की जरूरत बताई जा रही है। यह ट्रेंड नौकरी बाजार की दिशा बदल रहा है।
Source: Source