फरीदाबाद में कारोबारियों को मिली रंगदारी की धमकियों के मामले में पुलिस जांच के दौरान महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। जांच में पता चला कि कारोबारियों की निजी जानकारी कथित रूप से एक स्थानीय व्यक्ति के माध्यम से जुटाई गई थी। यह जानकारी बाद में खुफिया विभाग के एक कर्मचारी तक पहुंचाई गई। आरोप है कि वहीं से सूचनाएं गैंगस्टर नेटवर्क तक पहुंचीं। करीब एक महीने पहले शहर के आठ कारोबारियों को विदेशी नंबरों से धमकी भरे फोन आए थे। कॉल करने वालों ने खुद को कुख्यात गैंग से जुड़ा बताकर लाखों रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। एक निजी समारोह में हुई बातचीत के दौरान एक व्यक्ति की संदिग्ध टिप्पणी से उस पर शक गहराया। इसके बाद पुलिस ने उस पर नजर रखनी शुरू की। पूछताछ में कारोबारी दीपक गोयल ने कई कारोबारियों की जानकारी आईबी के सब-इंस्पेक्टर सिकंदर को देने की बात स्वीकार की। जांच में दोनों के बीच पहले से संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और जेल भेज दिया। बाद में दीपक गोयल को अदालत से जमानत मिल गई। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित गैंगस्टर नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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