शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। यह घटनाक्रम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। संभावित दल-बदल से पार्टी की संसदीय ताकत प्रभावित हो सकती है। वहीं, इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संख्या बल में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव महाराष्ट्र से आगे राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है। संसद के आगामी सत्र से पहले यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। ऐसे में संसद में संख्या बल का महत्व और बढ़ जाता है। यदि सांसदों का पाला बदलना तय होता है, तो इससे विपक्षी रणनीति को भी झटका लग सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आगे की राजनीतिक गतिविधियों और संबंधित नेताओं के फैसलों पर टिकी हैं।
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