देशभर में 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। लाखों शिक्षकों के सेवा अधिकारों पर संकट की बात सामने आई है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने पुराने नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से स्थायी छूट देने की अपील की है। शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के समय लागू नियमों के आधार पर उन्हें सेवा में लिया गया था। अब नए मानकों के कारण उनकी नौकरी पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों में नाराजगी है। सरकार से शिक्षकों के हित में निर्णय लेने की मांग की जा रही है। मामले को लेकर जल्द समाधान की उम्मीद जताई गई है। लाखों शिक्षकों की नजर केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी है।
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