छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में करीब 14 साल तक सेवा देने वाले 61 निरीक्षकों (टीआई) का तबादला कर दिया है। यह निर्णय पुलिस स्थापना बोर्ड द्वारा ‘वन टाइम प्रमोशन’ नीति के तहत लिया गया है। बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कोंडागांव जैसे संवेदनशील जिलों में तैनात रहे इन अधिकारियों ने कई बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशनों में अहम भूमिका निभाई है। सेवा की लंबी अवधि और कठिन परिस्थितियों के बाद, अब इन अफसरों को उनके गृह जिलों या मनपसंद स्थानों पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। तबादले के पीछे केवल प्रशासनिक कारण नहीं, बल्कि इन अफसरों द्वारा दिए गए निजी त्याग भी हैं। कई अधिकारियों ने अपनी मां के अंतिम संस्कार या अपनी शादी जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक पलों को ड्यूटी के कारण पीछे छोड़ा था। टीआई अमोल खलखो जैसे अफसरों ने अपनी सेवा के दौरान कई मुठभेड़ों का सामना किया और कई बार परिवार के दुखद समय में भी शामिल नहीं हो पाए। टीआई अनुराग सोनवानी ने बताया कि बस्तर में नेटवर्क की कमी के कारण वे लंबे समय तक अपने परिवार से संपर्क भी नहीं कर पाते थे। अब नक्सल मोर्चे से हटने के बाद ये अधिकारी अपने परिवारों के पास वापस लौट रहे हैं। यह तबादला उनके कठिन संघर्षों के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
Source: Source