महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना (यूबीटी) को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम से चर्चित संभावित राजनीतिक घटनाक्रम ने उद्धव ठाकरे गुट की चिंताएं बढ़ा दी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कुछ लोकसभा सांसदों के संपर्क में बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह प्रयास शिवसेना (यूबीटी) में एक और विभाजन का कारण बन सकता है। यदि ऐसा होता है तो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को बड़ा राजनीतिक झटका लग सकता है। साथ ही, संसद में एनडीए की ताकत और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इन खबरों ने 2022 में हुए शिवसेना विभाजन की यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि, शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने इन दावों को खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह केवल अफवाहें हैं और संगठन एकजुट है। उन्होंने कथित अभियान को ‘ऑपरेशन वुल्फ’ बताते हुए इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं। फिलहाल किसी संभावित टूट को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
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