छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। कंपनी बाजार क्षेत्र में वर्ष 2015 में 29 दुकानों का कथित रूप से बिना कलेक्टर की अनुमति के हस्तांतरण किया गया था। अब आरोप है कि इन दुकानों से नियमों के विपरीत किराया वसूला गया है। नगर निगम ने प्रति दुकान ₹250 प्रतिमाह की दर से लगभग ₹22 लाख का किराया अधिरोपित किया है। इस मामले के करीब 10 साल बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और जांच तेज हुई है। स्थानीय स्तर पर इसे नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जा रहा है। अधिकारियों की भूमिका और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बहस शुरू हो गई है।
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