बालोद जिले में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही बड़ी प्रशासनिक और शैक्षणिक चुनौती सामने आई है। कक्षा 5वीं के लगभग 12,017 और 8वीं के 11,121 विद्यार्थियों सहित कुल 23 हजार से अधिक बच्चों को अब तक अंकसूची नहीं मिल पाई है। इस वजह से शिक्षकों के सामने 6वीं और 9वीं में छात्रों के प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि बिना अंकसूची और टीसी के प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना संभव नहीं है। दूसरी ओर, स्कूलों में पुस्तक वितरण में भी देरी की शिकायतें सामने आई हैं। कई जगहों पर पुस्तकें संकुल स्तर तक पहुंची हैं, लेकिन स्कूलों में उनका वितरण अभी बाकी है। नए सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में प्रार्थना सभाओं में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के निर्देश भी जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य और सांस्कृतिक समझ विकसित करना बताया है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टता न होने से मामला और उलझ गया है। अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। बच्चों और अभिभावकों को परेशान न होने देने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की बात कही गई है। पुस्तक वितरण और अंकसूची जारी करने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की उम्मीद जताई गई है।
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