तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकते हुए 20 सांसदों ने ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) का दामन थाम लिया है। इस राजनीतिक उठापटक के बीच चर्चा है कि इनमें से कुछ सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री पद भी मिल सकते हैं। हालांकि, सभी सांसदों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है, बल्कि कुछ ने तो ऐसे किसी भी प्रस्ताव की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया है। दल-बदल करने वाले कई सांसदों ने पार्टी के भविष्य और चुनावी चिह्न को लेकर अपनी उलझन और चिंता भी जाहिर की है। एक बागी सांसद ने टीएमसी के भीतर चल रहे आंतरिक कलह और विवादों को इस विभाजन का मुख्य कारण बताया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NCPI में शामिल होने के बाद इन सांसदों की भूमिका पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं। पार्टी के भीतर की यह टूट टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका है। फिलहाल, इस नए राजनीतिक समीकरण के दूरगामी परिणामों पर चर्चाएं गर्म हैं। भविष्य में यह दल किस दिशा में आगे बढ़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। राजनीतिक गलियारों में इस नई पार्टी और उसके भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
Source: Source