छत्तीसगढ़ में आज 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र का आगाज हो गया है। राज्य भर के स्कूलों में बच्चे अपने शिक्षकों और सहपाठियों से मिलने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन स्कूलों में शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियां कई जगहों पर अधूरी दिखाई दे रही हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अधिकांश स्कूलों में अब तक न तो बच्चों को किताबें मिल पाई हैं और न ही गणवेश (यूनिफॉर्म) उपलब्ध हो पाया है। बिना आवश्यक शिक्षण सामग्री के पढ़ाई कैसे शुरू होगी, इसे लेकर अभिभावकों और शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी रायपुर के भी कई स्कूलों में पहले दिन प्रवेश उत्सव का आयोजन नहीं किया जा सका है। इस कमी के कारण छात्रों का उत्साह और उत्सव की भव्यता फीकी पड़ती नजर आ रही है। स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त करने का दबाव बढ़ रहा है। शासन की योजनाओं के तहत समय पर पाठ्य सामग्री पहुंचना अनिवार्य है, ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। स्कूल खुलने के साथ ही संसाधनों की कमी ने शिक्षा विभाग के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग कब तक छात्रों तक किताबें और ड्रेस पहुंचा पाता है।
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