नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर ने अपनी पहली वाणिज्यिक उड़ान का संचालन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह कदम क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क के विकास में बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने से एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया गया है। इसे एक भविष्य के अंतरराष्ट्रीय एयरोट्रोपोलिस के रूप में विकसित करने की योजना है। एयरपोर्ट का उद्देश्य दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करना भी है। कनेक्टिविटी सुधारने के लिए लगभग 2,360 करोड़ रुपये की लागत से एक एक्सप्रेसवे का निर्माण भी किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे एनसीआर के विभिन्न हिस्सों को एयरपोर्ट से जोड़ेगा। इससे यात्रा समय में कमी और परिवहन सुविधा में सुधार होगा। इस विकास परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हवाई अड्डा क्षेत्रीय विकास का प्रमुख केंद्र बन सकता है। सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
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