थॉमस मर्टन के इस विचार में कला के गहरे प्रभाव को दर्शाया गया है। उनके अनुसार कला मनुष्य को अपने भीतर छिपे हुए पहलुओं को पहचानने में मदद करती है। साथ ही यह व्यक्ति को आत्मचेतना के बोझ से मुक्त कर देती है। रचनात्मक गतिविधियों में डूबकर व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर समझ सकता है। कला हमें आधुनिक जीवन की भागदौड़ से कुछ समय के लिए राहत देती है। यह मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करने का माध्यम बनती है। कला के अनुभव से व्यक्ति वर्तमान क्षण में अधिक उपस्थित रहता है। यह आत्म-खोज और आत्म-विस्मरण की एक अनोखी प्रक्रिया है। इस प्रकार कला जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाती है। यह उद्धरण जीवन में रचनात्मकता के महत्व को उजागर करता है।
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