मेघालय स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक व्यक्ति के नो मैन्स लैंड में घंटों तक फंसे रहने का मामला चर्चा का विषय बना रहा। बाद में उसकी पहचान सती राजबंशी के रूप में हुई, जो बांग्लादेश के नागरिक हैं और हिंदू समुदाय से संबंध रखते हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पहचान और नागरिकता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच के बाद पुष्टि हुई कि वह बांग्लादेशी नागरिक हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर बांग्लादेशी सुरक्षा बलों द्वारा भारत की ओर धकेलने का प्रयास किया गया था। इस कारण वह दोनों देशों की सीमा के बीच स्थित नो मैन्स लैंड में फंस गए। घटना की जानकारी मिलने पर संबंधित एजेंसियों ने स्थिति को संभाला और आवश्यक जांच शुरू की। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सती राजबंशी को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। इस घटना ने सीमा प्रबंधन और नागरिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया है। मामले को लेकर दोनों देशों की एजेंसियों ने आवश्यक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की।
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