कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुणे में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी का शिक्षा घोषणापत्र जारी किया है। दिपके ने तर्क दिया कि किसी जन आंदोलन के बाद राजनीतिक दल का गठन पूरी तरह से वैध और लोकतांत्रिक है। इस घोषणापत्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में व्याप्त खामियों, विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की समस्याओं का समाधान करना और व्यापक सुधार लाना है। उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) में छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। दिपके ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सरकार के साथ संवाद करने के लिए हमेशा तैयार है। आंदोलन का समर्थन कर रहे कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक भागीदारी, अहिंसा और छात्र संबंधी मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है। दिपके का मानना है कि शिक्षा में सुधार के लिए छात्रों को संगठित होकर अपनी आवाज उठानी होगी। यह पहल छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। सरकार के साथ बातचीत के जरिए वे अपनी मांगों को मनवाने की कोशिश करेंगे।
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