कैंडेस ओवेन्स ने विवादित ईमेल मामले में अपनी सूचना के अधिकार संबंधी कानूनी लड़ाई को और तेज करने की बात कही है। उनका दावा है कि एक लीक हुए ईमेल में एरिका किर्क को गोलीबारी की घटना के कुछ समय बाद ‘इमोशनल एसेट’ बताया गया था। ओवेन्स का कहना है कि इस ईमेल की सत्यता को लेकर उठे सवालों के बावजूद वह इसे प्रामाणिक मानती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों ने उनकी प्रारंभिक सूचना मांग को अत्यधिक व्यापक बताकर खारिज कर दिया था। इसके बाद उनकी टीम ने विशेष नामों और तारीखों के साथ एक अधिक सीमित अनुरोध दायर किया। ओवेन्स का कहना है कि वह संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने के लिए प्रयास जारी रखेंगी। उन्होंने एंड्रयू कोलवेट और अन्य लोगों पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार कुछ लोगों ने ईमेल की विश्वसनीयता को कम करके दिखाने की कोशिश की है। ओवेन्स ने दावा किया कि समय के साथ ईमेल की प्रामाणिकता साबित हो जाएगी। यह मामला राजनीतिक और मीडिया हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूचना तक पहुंच और सरकारी पारदर्शिता को लेकर भी बहस तेज हो गई है। फिलहाल विवादित ईमेल और उससे जुड़े दावों की जांच तथा सत्यापन को लेकर चर्चा जारी है।
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