बॉम्बे हाईकोर्ट ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के 2011 के उस आदेश को अवैध करार दिया है जिसमें एयर इंडिया के पायलट जितेंद्र वर्मा का लाइसेंस निलंबित किया गया था। अदालत ने कहा कि यह आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने पायलट का ATPL लाइसेंस बहाल कर दिया है। सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि पायलट को उचित अवसर नहीं दिया गया था। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ था। अदालत ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष सुनवाई अनिवार्य है। DGCA को अब दो महीने के भीतर नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया गया है। यह जांच तय प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। अदालत ने पुराने आदेश को मनमाना और अवैध बताया। इस फैसले को विमानन क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया है।
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