तमिलनाडु में तीन एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे को लेकर कानूनी और राजनीतिक विवाद गहरा गया है। एक राजनीतिक दल ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी है, जिसमें विधायकों के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह कदम संविधान की भावना और दलबदल विरोधी प्रावधानों के विपरीत है। याचिका में कहा गया है कि संबंधित विधायकों के खिलाफ लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर पहले फैसला होना चाहिए था। याचिकाकर्ता ने अदालत से विधानसभा अध्यक्ष को इन याचिकाओं पर निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की है। मामले में संविधान की दसवीं अनुसूची का भी हवाला दिया गया है, जो दलबदल से जुड़े मामलों को नियंत्रित करती है। याचिका के अनुसार इस्तीफों की स्वीकृति से अयोग्यता प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अदालत में यह मामला संवैधानिक और विधायी प्रक्रियाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संबंधित पक्षों से जवाब मांगे जाने की संभावना है। हाई कोर्ट के निर्णय पर राजनीतिक दलों और कानूनी विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है। यह मामला दलबदल कानून और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाता है।
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