राजनांदगांव में बिजली बिल बकाया को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार करीब 50 बड़े सरकारी विभागों पर 26 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है। इस खुलासे के बाद बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आम उपभोक्ताओं का आरोप है कि मामूली बकाया होने पर उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाती है। कई मामलों में दो महीने तक बिल जमा नहीं होने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है। वहीं सरकारी विभागों के करोड़ों रुपये बकाया होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। इससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। नागरिकों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। मामले ने बिजली कंपनी की वसूली नीति पर बहस छेड़ दी है। बकाया राशि लंबे समय से जमा नहीं होने की भी चर्चा है। संबंधित विभागों से भुगतान की प्रक्रिया और देरी के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग तेज हो गई है। अब लोगों की नजरें इस बात पर हैं कि बिजली कंपनी बड़े बकायेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाती है।
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