जालंधर के शाहकोट स्थित मंडला छन्ना गांव में सतलुज नदी के धुस्सी बांध को बाढ़ से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बांध की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित ‘नॉच’ निर्माण का विवाद किसान गुरमुख सिंह द्वारा अपनी जमीन देने की सहमति के बाद सुलझ गया है। गुरमुख सिंह का यह निर्णय जनहित में उठाया गया एक बड़ा कदम है, क्योंकि उनकी 18 एकड़ भूमि पहले ही नदी कटाव में नष्ट हो चुकी है। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की मध्यस्थता और शाहकोट प्रशासन के सहयोग से ड्रेनेज विभाग ने तत्काल प्रभाव से भूमि की पैमाइश और सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। पिछले साल बाढ़ के दौरान बांध के टूटने के खतरे को देखते हुए यह निर्माण तकनीकी रूप से अत्यंत आवश्यक था। सरकार ने बांध को मजबूत करने के लिए 18 करोड़ रुपये का निवेश किया है और नदी का प्रवाह सुगम बनाने के लिए 30 जून तक मिट्टी निकालने की अनुमति भी दी है। संत सीचेवाल ने संकट के समय समाज को प्राथमिकता देने के लिए किसान गुरमुख सिंह की सराहना की है।
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