टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें अपना गाइड, मेंटर और नेता बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी ममता बनर्जी से नहीं, बल्कि पार्टी के मौजूदा हालात से है। काकोली घोष का आरोप है कि टीएमसी के भीतर स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संगठनात्मक कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं रही है। सांसद ने दावा किया कि पार्टी में उनके विकास और योगदान को उचित महत्व नहीं मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका फैसला किसी राजनीतिक सत्ता के नुकसान की वजह से नहीं है। काकोली के अनुसार, बीते तीन से चार वर्षों में कामकाज का स्तर अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी चिंताओं को कई बार रखने की बात भी कही। सांसद का कहना है कि संगठन के भीतर सुधार की जरूरत है। उन्होंने अपने रुख को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से जोड़ने के आरोपों को खारिज किया। काकोली ने कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी की कमियों को उजागर करना है। उनके बयान से पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। टीएमसी के भीतर बढ़ते असंतोष को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देख रहे हैं।
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