सूरजपुर जिले के नमनाकला क्षेत्र में 61 वर्षीय एक प्राथमिक शाला शिक्षक, अशोक कुमार जायसवाल ने अपने निर्माणाधीन मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के पीछे मकान निर्माण कार्य में हो रही देरी और मजदूरों की कार्यशैली के कारण उपजे मानसिक तनाव को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
**घटना के मुख्य पहलू:**
* **निर्माण कार्य से तनाव:** शिक्षक अपना पुराना घर तोड़कर नया मकान बनवा रहे थे। परिजनों का आरोप है कि मजदूर पूरा पैसा लेने के बावजूद काम सही ढंग से नहीं कर रहे थे और अक्सर काम बीच में ही छोड़ देते थे, जिससे वे काफी परेशान थे।
* **घटनाक्रम:** सोमवार सुबह वॉक से लौटने के बाद शिक्षक निर्माणाधीन मकान देखने गए और वहां रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। काफी देर तक वापस न आने पर पत्नी ने उन्हें वहां मृत पाया।
* **पुलिस कार्रवाई:** सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
* **विशेषज्ञ की राय:** मनोचिकित्सकों के अनुसार, मानसिक तनाव और अवसाद जैसी स्थितियों में अपनों के साथ संवाद और भावनात्मक सहयोग बेहद आवश्यक है। व्यवहार में बदलाव को पहचानकर समय रहते मदद करने से ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता है।
यह मामला कार्यस्थल या व्यक्तिगत प्रोजेक्ट्स से जुड़े तनाव को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। प्रशासन और परिजनों के लिए यह एक दुखद सबक है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संकेतों की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है।
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