मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक संवेदनशील मामले में दुष्कर्म पीड़िता किशोरी को मां बनने की अनुमति प्रदान की है। जबलपुर में सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पीड़िता की इच्छा का सम्मान करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़िता का बच्चा पैदा करना उसका व्यक्तिगत अधिकार है। इस निर्णय के साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बच्चे के भविष्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि बच्चे के पालन-पोषण और शिक्षा का पूरा खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी। इसके अलावा, पीड़िता और उसके बच्चे को उचित चिकित्सकीय देखरेख और सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। इस फैसले को न्यायिक मानवीय दृष्टिकोण से एक बड़ी मिसाल माना जा रहा है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीड़िता को हर संभव सरकारी सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने की भी बात कही है। यह निर्णय पीड़िता को समाज में गरिमा के साथ जीने का संबल प्रदान करेगा। न्यायपालिका का यह संवेदनशील कदम पीड़ित के पुनर्वास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
Source: Source