गुजरात में राज्यसभा की चार सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो गुजरात के राज्यसभा प्रतिनिधित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार ऐसी स्थिति बन सकती है जब राज्य से कांग्रेस का एक भी सांसद राज्यसभा में नहीं होगा। भाजपा ने इस संभावित परिणाम को ‘कांग्रेस मुक्त गुजरात’ की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य में जनता लगातार भाजपा पर भरोसा जता रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के दावों को खारिज कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि किसी एक चुनावी परिणाम से पार्टी की राजनीतिक मौजूदगी को नहीं आंका जा सकता। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इसे अपने संगठनात्मक विस्तार और जनसमर्थन का प्रमाण बता रही है। वहीं कांग्रेस भविष्य में मजबूत वापसी का दावा कर रही है। चुनावी प्रक्रिया के बीच सभी दल अपने-अपने राजनीतिक संदेश को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं। गुजरात की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले समय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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