छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में परिवहन की गंभीर समस्या सामने आ रही है। ग्रामीणों को समय पर बस सुविधा नहीं मिलने के कारण मजबूरी में ट्रैक्टर और पिकअप वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ये वाहन आमतौर पर सवारी के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते, फिर भी लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। कई गांवों में नियमित बस सेवा न होने से लोगों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। आपात स्थिति में मरीजों और बच्चों को भी इसी तरह असुरक्षित वाहनों से ले जाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है क्योंकि कच्चे रास्ते और फिसलन से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से नियमित बस सेवा की मांग की है। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोग इसे रोजमर्रा की मजबूरी और जोखिम भरा सफर बताते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की धीमी रफ्तार इस समस्या को और गंभीर बना रही है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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